डीजीपी ने किया साइबर वारियर्स योजना पोर्टल का अनावरण सिंंहस्थ 2028: ट्रेनिंग आॅफ ट्रेनर्स अभियान का शुभारंभ

उज्जैन। धार्मिक नगरी में सिंहस्थ महाकुंभ 2028 का आयोजन होने जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा-व्यवस्था और सफल आयोजन की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन पर है। जिसको लेकर बुधवार को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने ट्रेनिंग आॅफ ट्रेनर्स अभियान का शुभारंभ करते हुए साइबर वारियर्स पोर्टल का अनावरण किया।
पुलिस सामुदायिक भवन में ट्रेनिंग आॅफ ट्रेनर्स अभियान का शुभारंभ करते हुए डीजीपी ने आधुनिक तकनीक और रणजीतिक योजना पर विशेष जोर दिया।  अभियान में 48 विषयों पर 110 व्याख्यान के साथ फील्ड ट्रेनिंग और पुलिस प्रशिक्षण दिया जायेगा। कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों से चयनित पुलिस अधिकारियों को शामिल किया जा रहा है, जो प्रशिक्षण प्राप्त कर मास्टर ट्रेनर्स बनेगें और अपने जिलों में जाकर पुलिस बल को प्रशिक्षित करेगें। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान डीजीपी कैलाश मकवाना ने अपने उद्बोधन में विगत सिंहस्थ के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि सिंहस्थ जैसा विशाल आयोजन  प्रभावी योजना, समन्वय और सतत प्रशिक्षण के माध्यम से ही सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकता है। पुलिस बल को हर प्रकार की आपात स्थिति के लिये तैयार रहना है। तकनीक का अधिकतम उपयोग कर जन सहयोग को प्राथमिकता देने की आवश्यकता रहेगी। उद्बोधन में उन्होने उज्जैन पुलिस द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहाना की। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों के आवास के लिये निर्मित विशेष सिंहस्थ आवासीय भवन का लोकापर्ण किया, जहां प्रशिक्षण के लिये बाहर से आने वाले अधिकारियों को उच्च स्तरीय सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। वहीं सिंहस्थ साइबर वारियर्स योजना पोर्टल का अनावरण किया। यह पोर्टल डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से साइबर मॉनिटरिंग, अफवाह नियंत्रण एवं त्वरित सूचना आदान-प्रदान को सुनिश्चित करेगा।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन रणनीति लागू
उज्जैन पुलिस द्वारा की जा रही तैयारियों में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ड्रोन सर्विलांस और साइबर वारियर्स पोर्टल के साथ बहु स्तरीय सुरक्षा-भीड़ प्रबंधन रणनीति लागू की गई है। जिसमें पुलिस बल की तैनाती योजना, यातायात एवं ट्रैफिक प्रबंधन, भीड़ प्रबंधन, रेलवे भीड़ प्रबंधन, आवागमन मार्गों की जानकारी, होल्ड-अप एवं डायवर्जन सिस्टम, पुलिस बल के लिए लॉजिस्टिक व्यवस्था, आधुनिक तकनीक का उपयोग शामिल है। इस सबका प्रशिक्षण राज्यभर से प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिये आने वाले पुलिस अधिकारियों (मास्टर ट्रेनर्स) को दिया जायेगा। सिंहस्थ अवधि में करोड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा अपनी रणनीति तैयारियां शुरू कर दी गई है।
कार्यक्रम में शामिल रहे अधिकारी
ट्रेनिंग आॅफ ट्रेनर्स शुभारंभ कार्यक्र में ए. साई मनोहर (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, इंटेलिजेंस), राजाबाबूसिंह (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, प्रशिक्षण), राकेश गुप्ता (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, उज्जैन जोन), नवनीत भसीन (उप पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन), पुलिस अधीक्षक उज्जैन प्रदीप शर्मा और अलग-अलग जिलों से आए प्रशिक्षणार्थी अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ डीआईजी नवनीत भसीन द्वारा अतिथियों और अधिकारियों के स्वागत उद्बोधन के साथ किया गया। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा द्वारा आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के संबंध में विस्तृत एवं तथ्यात्मक प्रस्तुतीकरण दिया गया।
एडीजी ने चुनौतीपूर्ण मुद्दो का किया उल्लेख
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) ने अपने उद्बोधन में सिंहस्थ 2026 के दौरान आई व्यावहारिक चुनौतियों जैसे भीड़ का अचानक बढ़ना, यातायात दबाव एवं समन्वय संबंधी मुद्दों का उल्लेख करते हुए आगामी आयोजन के लिये बेहतर योजना और समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया गया। राजाबाबु सिंह एडीजी प्रशिक्षण द्वारा भी प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता, उसकी संरचना एवं पुलिस बल की दक्षता बढ़ाने में उसकी भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।

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